वो मस्ती वो नटखट मन, बचपन के खेल वो खुशनुमा जीवन की रेल। वो मस्ती वो नटखट मन, बचपन के खेल वो खुशनुमा जीवन की रेल।
अब तो मैंने एमबीए भी कर लिया था और अपने निर्णय लेने में पूर्णता स्वतंत्र व सक्षम था अब तो मैंने एमबीए भी कर लिया था और अपने निर्णय लेने में पूर्णता स्वतंत्र व सक्षम...
आज भी हम एक अनोखी प्यार की डोर से बंधे हैं। आज भी हम एक अनोखी प्यार की डोर से बंधे हैं।
आज अम्मा जी ने उन दोनों के ऊपर से बंदिशों की बेड़ियाँ हटा दी थी। आज अम्मा जी ने उन दोनों के ऊपर से बंदिशों की बेड़ियाँ हटा दी थी।
जबकि इसके बजाय हमें अपने द्वारा दिए गए प्यार को पूरा करना चाहिए। जबकि इसके बजाय हमें अपने द्वारा दिए गए प्यार को पूरा करना चाहिए।
मिलना तुम दोनों आज घर पर, दोनों बाप बेटी की अच्छे से खबर लेती हूं ! मिलना तुम दोनों आज घर पर, दोनों बाप बेटी की अच्छे से खबर लेती हूं !